शुक्रवार, 3 अगस्त 2012

उत्तरकाशी में बादल फटने व मूसलाधार वर्षा में 53 लोग बहे व भारी तबाही ...

''चमोली सहित पूरे उत्तराखण्ड में भारी वर्षा से जनजीवन अस्तव्यस्त''

उत्तराखण्ड में भारी वर्षा से जनजीवन अस्तव्यस्त। उत्तरकाशी में 3 अगस्त की रात बादल फटने से 52 लोग पानी में बह गये। प्रशासन ने अभी 7 लोगों की मोत की पुष्टि की है। वहीं जनपद चमोली, नैनीताल सहित पूरे प्रदेश में भारी मूसलाधार वर्षा हो रही है। वहीं उत्तरकाशी में गंगोरी पुल के बहने व मूसलाधार वर्षा से यमुनोत्री राजमार्ग बंद हो गया है। यात्री जहां तहां मोटर मार्ग अवरूद्ध जोने से फंसे हुए है। गंगोत्री धाम की यात्रा बंद। अस्सी गंगा घाटी के पास हुई तबाही में 4 दमकल अधिकारी भी बह गये । उधर धोली काफर बांध को भी काफी नुकसान पंहुच गया है।। टिहरी में भी भारी वर्षा प्रतपाप नगर के विधायक विक्रम नेगी भी गैरी गांव में 14 घण्टे से हो रही निरंतर वर्षा के कारण सडक मार्ग में अपनी गाड़ी में फंसे हुए है। भागीरथी में सैकडों हैक्टर भूमि बह गयी। अलकनन्दा आदि नदियों में भी जलस्तर खतरे से उपर बह रही है। चमोली में कर्णप्रयाग अपर बाजार में मकान गिरने से दो बच्चों की दर्दनाक मौत हो गयी। वहीं एक बच्चे के गदेरे में बहने से मौत हो गयी। वहीं बदरीनाथ मार्ग पर अभी भी हजारों लोग फंसे हुए है। श्रीनगर के समीप बनने वाले बांध में भी नदि का जनस्तर बढ़ने से पूरे क्षेत्र के लोगों में दहशत है। धारी गांव को जोड़ने वाला पुल भी डूब गया है। चैरास का पुल भी बह गया है। प्रदेश के पर्वतीय क्षेत्रों में अनैकों स्थानों पर सड़क मार्ग अवरूद्ध हो गया है। अधिकांश नदियों में जलस्तर काफी बढ़ गया है। अल्मोड़ा में रामगंगा सहित तमाम नदियों का जल स्तर वर्षा से बढ़ गया हैं......